उत्तराखंड जनगणना 2027: स्व-गणना 16 नवंबर से, घर-घर गणना 1 दिसंबर से

🗓️ अंतिम अपडेट: 25 अक्टूबर 2026
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उत्तराखंड जनगणना 2027 (Uttarakhand Census 2027) का दूसरा चरण, यानी जनसंख्या की गिनती, देश के ज़्यादातर राज्यों से पहले उत्तराखंड में शुरू हो रहा है। भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त की राजपत्र अधिसूचना (5 सितंबर 2026) के अनुसार उत्तराखंड में स्व-गणना 16 से 30 नवंबर 2026 तक होगी। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर गिनती करेंगे, और 5 से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण दौर चलेगा। यह जनगणना 2027 के दोनों चरणों में से दूसरा चरण है, जिसमें पहली बार हर व्यक्ति की जाति भी दर्ज की जाएगी।

16–30 नवंबरस्व-गणना (ऑनलाइन)
1 दिसंबर–4 जनवरीघर-घर गणना
5–9 जनवरीपुनरीक्षण दौर
5 जनवरी, 00:00संदर्भ तिथि और समय

उत्तराखंड में जनगणना 2027 का कार्यक्रम

उत्तराखंड में पहले चरण (मकान सूचीकरण) की स्व-गणना 10 से 24 अप्रैल 2026 को हुई थी। नीचे की तारीख़ें राज्य के बर्फीले इलाकों को छोड़कर बाकी हिस्से पर लागू हैं। दूसरे चरण की तारीखें नीचे तालिका में हैं।

चरण तारीख क्या होगा
स्व-गणना (वैकल्पिक) 16 से 30 नवंबर 2026 परिवार पोर्टल पर खुद जानकारी भरता है और SE ID पाता है
घर-घर गणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 प्रगणक हर घर जाकर जनसंख्या के 40 प्रश्न पूछते हैं
पुनरीक्षण दौर 5 से 9 जनवरी 2027 जन्म, मृत्यु और नए सदस्यों के बदलाव जाँचे और सुधारे जाते हैं
संदर्भ तिथि 5 जनवरी 2027, मध्यरात्रि (00:00 बजे) इसी क्षण की स्थिति के आधार पर गिनती मानी जाती है

रिपोर्टों के अनुसार मुख्य सचिव ने 9 सितंबर को सभी ज़िलाधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। उत्तराखंड के जनगणना संचालन निदेशक ने कहा कि तैयारियाँ तेज़ की जा रही हैं ताकि सभी चरण समय पर पूरे हों। प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का ज़िला-स्तरीय प्रशिक्षण 15 से 20 अक्टूबर के बीच शुरू होना बताया गया है।

तारीखें बाकी राज्यों से पहले क्यों?

पहले पूरे देश में जनसंख्या की गिनती फरवरी 2027 में तय थी। बाद में चार राज्यों के लिए इसे आगे खिसकाकर उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड (बर्फीले इलाकों को छोड़कर) में दिसंबर से कर दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार वजह यह है कि इन राज्यों में 2027 की पहली छमाही में विधानसभा चुनाव होने हैं, और चुनाव के काम से टकराव से बचना था। यह वजह राजपत्र में नहीं लिखी गई, इसलिए इसे रिपोर्टों पर आधारित मानें। बाकी ज़्यादातर राज्यों में संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 है। यही कार्यक्रम पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश जनगणना 2027 पर भी लागू है।

उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों की गिनती सितंबर में ही हो चुकी

उत्तराखंड के ऊँचाई वाले, बर्फ से ढकने वाले इलाकों की जनगणना बाकी राज्य से अलग तय हुई है। रिपोर्टों के अनुसार चार ज़िलों के 131 गाँवों और तीन कस्बों में गिनती 1 से 30 सितंबर 2026 के बीच हो चुकी है। इन इलाकों की संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026 है, यानी बाकी उत्तराखंड की 5 जनवरी 2027 से अलग। रिपोर्टों में बदरीनाथ-केदारनाथ जैसे इलाकों का ज़िक्र आया है। इसलिए इन इलाकों के लिए नवंबर-दिसंबर वाली तारीख़ें लागू नहीं होतीं।

उत्तराखंड में तैयारी: ब्लॉक, कर्मचारी और अनुमानित आबादी

  • ब्लॉक और कर्मचारी: रिपोर्टों के अनुसार जनगणना ब्लॉक पहले के अनुमान से 10 से 20 प्रतिशत बढ़ सकते हैं, क्योंकि मकान सूचीकरण के ब्लॉक अस्थायी थे। लगभग 35,000 कर्मचारी (प्रगणक, पर्यवेक्षक और रिज़र्व) लगने की बात कही गई है।
  • मकान और आबादी का अनुमान: मकान सूचीकरण में 28.3 लाख से अधिक परिवार मिले। इसके आधार पर राज्य की आबादी करीब 1.27 करोड़ आँकी गई है। यह अनुमान है, आधिकारिक आँकड़ा नहीं।
  • समय: एक परिवार की गिनती में 45 मिनट से एक घंटा लग सकता है।
  • किन्हें गिना जाएगा: सामान्य परिवारों के साथ संस्थागत परिवार (जैसे हॉस्टल), बेघर लोग और सैन्य व अर्द्धसैनिक कर्मी भी। सैन्य कर्मियों की गिनती उनके संगठनों के ज़रिए होगी।

पहाड़ के गाँवों के लिए सुझाव

पहाड़ी और दूरदराज़ के इलाकों में मोबाइल नेटवर्क कमज़ोर हो सकता है। स्व-गणना की जल्दी न करें। प्रगणक 1 दिसंबर के बाद घर आएगा। परिवार के जो सदस्य मैदान या दूसरे शहरों में बसे हैं, उनका ब्योरा तैयार रखें, क्योंकि प्रवासन के प्रश्न में यह काम आएगा।

उत्तराखंड में स्व-गणना कैसे करें

स्व-गणना का मतलब है प्रगणक के आने से पहले घर बैठे अपने परिवार की जानकारी खुद भर देना। यह वैकल्पिक है। विस्तृत प्रक्रिया स्व-गणना कैसे करें वाले लेख में है। संक्षेप में:

  1. 16 नवंबर 2026 के बाद आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in खोलें, जो हिंदी समेत 16 भाषाओं में है।
  2. मोबाइल नंबर से लॉग-इन करें। OTP केवल इसी पोर्टल पर, खुद डालें।
  3. राज्य, ज़िला और मकान का पता चुनें, फिर हर सदस्य की जानकारी भरें।
  4. जमा करने से पहले प्रीव्यू पेज पर सब कुछ जाँचें।
  5. जमा करने पर मिली SE ID (स्व-गणना पहचान संख्या) सुरक्षित रखें, और प्रगणक आए तो यही बताएँ।
⚠️ ध्यान रहे: स्व-गणना 30 नवंबर तक ही खुली रहेगी। पोर्टल पर दिखने वाले निर्देश और प्रश्न ही अंतिम माने जाएँ।

घर-घर गणना में क्या पूछा जाएगा

1 दिसंबर 2026 से प्रगणक मोबाइल ऐप के ज़रिए हर घर में जानकारी दर्ज करेंगे। इस चरण में 40 प्रश्न हैं, और हर प्रश्न का आसान मतलब जनगणना 2027 के 40 प्रश्न वाले लेख में है। मोटे तौर पर पहचान और परिवार, धर्म, भाषा और जाति, शिक्षा और काम, दिव्यांगता, प्रवासन और प्रजनन, स्वास्थ्य और बैंक, तथा मोबाइल, आधार और मतदाता पहचान-पत्र जैसे विवरण (जहाँ उपलब्ध हों) पूछे जाएँगे। जाति के प्रश्न की पूरी जानकारी जाति जनगणना 2027 में है। पूरी गिनती डिजिटल है, जिसे डिजिटल जनगणना 2027 वाले लेख में समझाया गया है।

✅ क्या दस्तावेज़ दिखाने पड़ेंगे? रिपोर्टों के अनुसार प्रगणक कोई दस्तावेज़ जमा नहीं करवाएँगे। जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत आपकी व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रहती है।

तैयारी की चेकलिस्ट

  • परिवार के हर सदस्य का पूरा नाम, जन्म-तारीख या उम्र।
  • सदस्यों की पढ़ाई, काम और मातृभाषा का ब्योरा।
  • जो सदस्य दूसरे शहर या राज्य में रहते हैं, उनकी प्रवासन की जानकारी।
  • मोबाइल नंबर, आधार और बैंक खाते की जानकारी, जहाँ उपलब्ध हो।
  • पहाड़ से मैदान या दूसरे राज्य में बसे सदस्यों की जगह और बसने का साल।
  • परिवार में रह रहे सभी सदस्यों के नाम, चाहे वे अस्थायी रूप से बाहर हों।

जनगणना 2011 में उत्तराखंड के आँकड़े

2027 के नतीजे आने तक सबसे ताज़ा आधिकारिक आँकड़े 2011 के ही हैं। जनगणना 2011 के अनुसार उत्तराखंड की स्थिति यह थी:

विषय जनगणना 2011 (उत्तराखंड)
कुल जनसंख्या 1,00,86,292 (लगभग 1.01 करोड़)
पुरुष / महिला 51,37,773 / 49,48,519
जनसंख्या घनत्व 189 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
लिंगानुपात 963 महिलाएँ प्रति 1000 पुरुष
साक्षरता लगभग 79%
दशकीय वृद्धि (2001-2011) लगभग 19%
ज़िलों की संख्या 13
सबसे अधिक आबादी वाला ज़िला हरिद्वार
सबसे कम आबादी वाला ज़िला रुद्रप्रयाग

उत्तराखंड की अधिकांश आबादी ग्रामीण है। 2011 के बाद आबादी काफ़ी बदल चुकी है, पर उसका आधिकारिक आँकड़ा जनगणना 2027 पूरी होने के बाद ही आएगा।

धोखाधड़ी से सावधान

🚨 जनगणना के नाम पर ठगी: फ़ोन, WhatsApp या SMS से OTP, बैंक विवरण या पैसे माँगने वाला धोखेबाज़ है। असली प्रगणक पैसे नहीं माँगता और बैंक का OTP नहीं पूछता। स्व-गणना केवल se.census.gov.in पर करें। शंका हो तो हेल्पलाइन 1855 पर कॉल करें।

भ्रम और तथ्य

भ्रम तथ्य
स्व-गणना नहीं की तो नाम गिनती से छूट जाएगा। स्व-गणना वैकल्पिक है। 1 दिसंबर से प्रगणक हर घर आएगा।
16 नवंबर से पूरे देश में स्व-गणना शुरू हो रही है। यह खिड़की फिलहाल उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड (बर्फीले इलाकों को छोड़कर) के लिए है।
जनगणना में आधार, राशन कार्ड और जाति प्रमाण-पत्र जमा करने होंगे। रिपोर्टों के अनुसार कोई दस्तावेज़ जमा नहीं करवाए जाएँगे।
censusindia.org पर फ़ॉर्म भरकर स्व-गणना कर सकते हैं। नहीं। हम सरकारी साइट नहीं हैं। स्व-गणना केवल se.census.gov.in पर होती है।

परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न

राज्य की परीक्षाओं में जनगणना और राज्य के आँकड़ों से प्रश्न आते हैं। प्रश्न हल करें और ✅ उत्तर देखें दबाकर मिलान करें।

प्रश्न 1. उत्तराखंड के गैर-बर्फीले इलाकों में जनगणना 2027 की स्व-गणना की अवधि क्या है?

  1. (क) 1 से 15 नवंबर 2026
  2. (ख) 1 से 30 सितंबर 2026
  3. (ग) 16 से 30 नवंबर 2026
  4. (घ) 10 से 24 जनवरी 2027
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (ग) 16 से 30 नवंबर 2026

प्रश्न 2. जनगणना 2011 में उत्तराखंड का लिंगानुपात कितना था?

  1. (क) 895
  2. (ख) 912
  3. (ग) 940
  4. (घ) 963
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (घ) 963

प्रश्न 3. उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों की संदर्भ तिथि क्या है?

  1. (क) 5 जनवरी 2027
  2. (ख) 1 मार्च 2027
  3. (ग) 1 अक्टूबर 2026
  4. (घ) 16 नवंबर 2026
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (ग) 1 अक्टूबर 2026

प्रश्न 4. जनगणना 2011 में उत्तराखंड का सबसे अधिक आबादी वाला ज़िला कौन-सा था?

  1. (क) देहरादून
  2. (ख) हरिद्वार
  3. (ग) नैनीताल
  4. (घ) उधम सिंह नगर
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (ख) हरिद्वार

प्रश्न 5. जनगणना 2011 में उत्तराखंड की जनसंख्या लगभग कितनी थी?

  1. (क) 0.84 करोड़
  2. (ख) 1.01 करोड़
  3. (ग) 1.27 करोड़
  4. (घ) 2.77 करोड़
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: (ख) 1.01 करोड़

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तराखंड में जनगणना 2027 कब होगी? (Uttarakhand mein Census 2027 kab hogi)

उत्तराखंड में दूसरे चरण की स्व-गणना 16 से 30 नवंबर 2026 तक है। घर-घर गणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक चलेगी, और पुनरीक्षण दौर 5 से 9 जनवरी 2027 तक रहेगा।

उत्तराखंड में स्व-गणना कब से कब तक है? (Uttarakhand self enumeration kab se kab tak)

16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक। यह ऑनलाइन सुविधा आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर मिलेगी।

क्या स्व-गणना करना ज़रूरी है?

नहीं, यह वैकल्पिक है। जो परिवार स्व-गणना नहीं करेगा, उसके घर 1 दिसंबर के बाद प्रगणक आएगा।

उत्तराखंड में घर-घर जनगणना कब होगी? (Uttarakhand house to house janganana kab)

1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक हर घर जाकर जनसंख्या के 40 प्रश्न पूछेंगे।

जनगणना के लिए कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?

रिपोर्टों के अनुसार प्रगणक कोई दस्तावेज़ जमा नहीं करवाएँगे। परिवार जो जानकारी बताएगा वही दर्ज होगी। मोबाइल, आधार और मतदाता पहचान-पत्र जैसी संख्याएँ जहाँ उपलब्ध हों वहाँ पूछी जाएँगी।

बाकी राज्यों में जनगणना कब होगी?

ज़्यादातर राज्यों में संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 है और गिनती फरवरी 2027 में होनी है। राज्यवार तारीख़ें अलग से घोषित होंगी।

जनगणना के नाम पर कोई OTP माँगे तो क्या करें?

OTP किसी को न बताएँ। OTP केवल आधिकारिक पोर्टल पर आप खुद डालते हैं। असली प्रगणक पैसे या OTP नहीं माँगता। शंका हो तो हेल्पलाइन 1855 पर कॉल करें।

उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों में जनगणना कब हुई? (Uttarakhand snow-bound areas census)

रिपोर्टों के अनुसार चार ज़िलों के 131 गाँवों और तीन कस्बों में गिनती 1 से 30 सितंबर 2026 को हुई। इन इलाकों की संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026 है।

उत्तराखंड में जनगणना के लिए कितने कर्मचारी लगेंगे?

रिपोर्टों के अनुसार लगभग 35,000 प्रगणक, पर्यवेक्षक और रिज़र्व कर्मचारी लगने की बात कही गई है।

जनगणना 2011 में उत्तराखंड की जनसंख्या कितनी थी?

1,00,86,292, यानी लगभग 1.01 करोड़। लिंगानुपात 963 था।

आधिकारिक वेबसाइट

देश के बाकी हिस्से का हाल जनगणना 2027 के मुख्य लेख में देखें।

🕒 अंतिम अपडेट: 25 अक्टूबर 2026

केवल कृष्ण घोड़ेला (Keval Krishan Ghorela)
लेखक परिचय: केवल कृष्ण घोड़ेला
एम.ए., बी.एड. (नेट हिंदी), कॉलेज व्याख्याता, श्रीगंगानगर (राजस्थान)