जनगणना 2027 (Census 2027) भारत की 16वीं और आज़ादी के बाद की 8वीं जनगणना है। यह देश की पहली डिजिटल जनगणना है, जिसमें लोग खुद ऑनलाइन स्व-गणना कर सकते हैं, और 1931 के बाद पहली बार सभी समुदायों की जाति गणना भी हो रही है। इस पेज पर आपको जनगणना 2027 कब होगी, इसकी संदर्भ तिथि क्या है, दोनों चरणों में क्या पूछा जा रहा है, स्व-गणना कैसे करें, जनगणना 2011 के प्रमुख आंकड़े और परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य, सब एक ही जगह सरल हिंदी में मिलेगा। यह पेज हर नई आधिकारिक घोषणा के साथ अपडेट किया जाता है।
📑 इस लेख में
- जनगणना 2027 कब होगी? पूरी समय-सारणी
- संदर्भ तिथि क्या है और वर्ष 2027 ही क्यों?
- जनगणना 2027 के दो चरण
- जनगणना 2027 में पूछे जाने वाले प्रश्न
- स्व-गणना (Self Enumeration) कैसे करें
- जाति जनगणना 2027
- डिजिटल जनगणना: क्या नया है
- जनगणना अधिनियम 1948 और आपकी जानकारी की सुरक्षा
- जनगणना 2011 के प्रमुख आंकड़े
- भारत में जनगणना का इतिहास
- परीक्षा उपयोगी तथ्य और क्विज़
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
जनगणना 2027 कब होगी? (Census 2027 Date)
बहुत से लोग पूछते हैं कि जनगणना 2027 कब होगी, जबकि इसका काम तो 2026 में ही शुरू हो गया। असल में यह जनगणना एक दिन का काम नहीं, बल्कि दो चरणों में चलने वाली लंबी प्रक्रिया है। पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 तक चला, और देश के ज़्यादातर हिस्से में मुख्य गिनती 9 से 28 फरवरी 2027 के बीच होगी। बर्फ़ीले इलाकों और चुनाव वाले चार राज्यों के लिए अलग तिथियाँ तय की गई हैं। नीचे पूरी समय-सारणी देखें:
- 16 जून 2025
भारत के महारजिस्ट्रार ने जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 3 के तहत जनगणना 2027 की राजपत्र अधिसूचना जारी की। - 12 दिसंबर 2025
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जनगणना 2027 के लिए ₹11,718.24 करोड़ की लागत को मंज़ूरी दी। - 1 अप्रैल – 30 सितंबर 2026
पहला चरण: मकान सूचीकरण एवं आवास गणना (HLO)। हर राज्य/केंद्रशासित प्रदेश ने इस अवधि में अपनी सुविधा के 30 दिन चुने, और उससे ठीक पहले 15 दिन स्व-गणना की सुविधा दी गई। - 1 – 30 सितंबर 2026
लद्दाख तथा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ़ीले क्षेत्रों में जनसंख्या गणना (स्व-गणना: 17–31 अगस्त 2026)। संदर्भ तिथि: 1 अक्टूबर 2026। - 16 नवंबर 2026 – 9 जनवरी 2027
उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड के गैर-बर्फ़ीले क्षेत्रों में पहले गिनती, क्योंकि यहाँ 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव हैं। स्व-गणना 16–30 नवंबर, गिनती 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक, पुनरीक्षण 5–9 जनवरी 2027। संदर्भ तिथि: 5 जनवरी 2027। - 9 – 28 फरवरी 2027
दूसरा चरण: शेष भारत में जनसंख्या गणना (PE), जिसमें जाति के आंकड़े भी दर्ज होंगे। - 1 मार्च 2027 (00:00 बजे)
देश के अधिकांश भाग के लिए जनगणना की संदर्भ तिथि। - 2027 (आगे)
अनंतिम (Provisional) आंकड़े और उसके बाद अंतिम आंकड़े। तिथि घोषित होते ही यह पेज अपडेट किया जाएगा।
जनगणना 2027 की संदर्भ तिथि क्या है? वर्ष 2027 ही क्यों माना गया?
संदर्भ तिथि (Reference Date) वह क्षण है जिस पर देश की आबादी की “तस्वीर” ली हुई मानी जाती है। गिनती भले ही कई हफ़्तों तक चले, सारे आंकड़े इसी एक क्षण के हिसाब से दर्ज किए जाते हैं। उदाहरण के लिए, अगर किसी बच्चे का जन्म संदर्भ तिथि से पहले हो गया है तो वह गिना जाएगा, और उसके बाद हुआ है तो नहीं।
देश के अधिकांश हिस्से की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 है, इसलिए इसे आधिकारिक रूप से “जनगणना 2027” (Census of India 2027) कहा जाता है, न कि जनगणना 2026। मूल रूप से यह जनगणना 2021 में होनी थी, जो कोविड-19 के कारण टल गई थी।
| क्षेत्र | संदर्भ तिथि |
|---|---|
| लद्दाख तथा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ़ीले क्षेत्र | 1 अक्टूबर 2026 (00:00 बजे) |
| उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड के गैर-बर्फ़ीले क्षेत्र | 5 जनवरी 2027 (00:00 बजे) |
| शेष संपूर्ण भारत | 1 मार्च 2027 (00:00 बजे) |
जनगणना 2027 के दो चरण
🏠 चरण 1: मकान सूचीकरण एवं आवास गणना (HLO)
- अवधि: 1 अप्रैल – 30 सितंबर 2026 (हर राज्य में 30 दिन)
- हर भवन, मकान और परिवार की सूची
- भवनों की जियो-टैगिंग
- घर की हालत, सुविधाएँ और संपत्ति से जुड़े 33 प्रश्न
👨👩👧 चरण 2: जनसंख्या गणना (PE)
- मुख्य अवधि: 9 – 28 फरवरी 2027
- हर व्यक्ति की अलग जानकारी
- आयु, लिंग, शिक्षा, भाषा, धर्म, व्यवसाय
- पहली बार जाति की गणना
दूसरे चरण की गिनती पहले चरण में बनी सूची (डेटा फ्रेम) के आधार पर होती है। इसलिए पहले चरण में दर्ज मकान नंबर और परिवार की जानकारी आगे बहुत काम आती है।
जनगणना 2027 में पूछे जाने वाले प्रश्न
पहले चरण (HLO) के 33 प्रश्न किन विषयों पर हैं?
मकान सूचीकरण के प्रश्न जनवरी 2026 में अधिसूचित किए गए थे। इन्हें मोटे तौर पर इन समूहों में समझ सकते हैं:
दूसरे चरण (PE) के 40 प्रश्न
14 अगस्त 2026 को महारजिस्ट्रार ने जनसंख्या गणना के 40 प्रश्न अधिसूचित किए। इनमें हर व्यक्ति का नाम, आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, मातृभाषा, शिक्षा, व्यवसाय, अनुसूचित जाति/जनजाति की स्थिति, जाति और कोविड टीकाकरण से जुड़ी जानकारी शामिल है। हम हर प्रश्न को सरल भाषा में समझाने वाला अलग विस्तृत लेख ला रहे हैं।
स्व-गणना (Self Enumeration) कैसे करें?
जनगणना 2027 में पहली बार लोगों को यह सुविधा मिली है कि वे प्रगणक (Enumerator) के आने से पहले ही अपने परिवार की जानकारी खुद ऑनलाइन भर सकें। यह पूरी तरह वैकल्पिक है; जो स्व-गणना नहीं करेंगे, उनके घर प्रगणक पहले की तरह आएँगे। सामान्य प्रक्रिया इस तरह है:
- सही पोर्टल खोलें: केवल आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाएँ। किसी अनजान लिंक या ऐप पर भरोसा न करें।
- अपने राज्य की तिथि जाँचें: स्व-गणना हर राज्य में घर-घर गिनती से ठीक पहले 15 दिन के लिए खुलती है।
- मोबाइल नंबर से लॉग-इन करें और 16 उपलब्ध भाषाओं में से अपनी भाषा चुनें।
- फ़ॉर्म ध्यान से भरें: एक परिवार के लिए एक ही प्रविष्टि होती है, इसलिए किसी ज़िम्मेदार सदस्य को ही भरना चाहिए।
- SE ID सँभालकर रखें: फ़ॉर्म जमा होने पर एक स्व-गणना पहचान संख्या (SE ID) मिलती है। प्रगणक के आने पर यही नंबर बताना होता है, ताकि वह जानकारी की पुष्टि कर सके।
जाति जनगणना 2027
राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति ने 30 अप्रैल 2025 को निर्णय लिया कि अगली जनगणना में जाति की गणना भी होगी। आज़ाद भारत की जनगणनाओं में अब तक केवल अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आंकड़े दर्ज होते थे। सभी समुदायों की जाति की पूरी गणना आख़िरी बार 1931 में हुई थी। इस बार जाति का विवरण दूसरे चरण (जनसंख्या गणना) में इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज किया जा रहा है। 2011 में हुई सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC) मुख्य जनगणना से अलग एक सर्वेक्षण था, इसलिए परीक्षा में इन दोनों को अलग-अलग समझें।
डिजिटल जनगणना 2027: क्या नया है?
📱 मोबाइल ऐप से गिनती
प्रगणक कागज़ की जगह Android और iOS मोबाइल ऐप पर आंकड़े दर्ज कर रहे हैं।
🖥️ CMMS पोर्टल
“जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली” से पूरे काम की रियल-टाइम निगरानी होती है।
🗺️ वेब मैपिंग व जियो-टैगिंग
मकान सूचीकरण ब्लॉक डिजिटल नक्शे पर बनाए गए और भवनों को जियो-टैग किया गया।
📊 Census-as-a-Service
मंत्रालयों को साफ़, मशीन से पढ़े जा सकने वाले आंकड़े मिलेंगे, ताकि योजनाएँ बेहतर बनें।
जनगणना ड्यूटी किसकी लगती है?
सरकारी जानकारी के अनुसार प्रगणक आम तौर पर सरकारी शिक्षक होते हैं, जिन्हें राज्य सरकारें नियुक्त करती हैं और जो अपने नियमित काम के साथ यह ज़िम्मेदारी निभाते हैं। प्रगणक, पर्यवेक्षक, मास्टर ट्रेनर, चार्ज अधिकारी और ज़िला जनगणना अधिकारी मिलाकर लगभग 30 लाख कर्मी इस काम में लगे हैं।
जनगणना अधिनियम 1948 और आपकी जानकारी की सुरक्षा
भारत में जनगणना जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 के तहत होती है। अधिनियम की धारा 15 के अनुसार किसी व्यक्ति के जनगणना रिकॉर्ड गोपनीय होते हैं। ये आंकड़े केवल सांख्यिकीय और योजना के कामों के लिए इस्तेमाल होते हैं, और किसी अदालत में व्यक्ति के विरुद्ध सबूत के रूप में नहीं लिए जाते। सही जानकारी देना हर नागरिक का कर्तव्य है।
जनगणना 2011 के प्रमुख आंकड़े (2027 से तुलना के लिए)
जनगणना 2027 के आंकड़े आने तक जनगणना 2011 ही भारत की आबादी का सबसे ताज़ा आधिकारिक स्रोत है। 2027 के आंकड़े जारी होते ही नीचे की तालिका का दूसरा कॉलम भरा जाएगा, ताकि आप दोनों की सीधी तुलना कर सकें।
| संकेतक | जनगणना 2011 | जनगणना 2027 |
|---|---|---|
| कुल जनसंख्या | 121.09 करोड़ | आंकड़े जारी होने पर |
| दशकीय वृद्धि दर (2001–11) | 17.7% | आंकड़े जारी होने पर |
| लिंगानुपात (प्रति 1000 पुरुष) | 943 | आंकड़े जारी होने पर |
| शिशु लिंगानुपात (0–6 वर्ष) | 919 | आंकड़े जारी होने पर |
| साक्षरता दर | 74.04% (पुरुष 82.14%, महिला 65.46%) | आंकड़े जारी होने पर |
| जनसंख्या घनत्व | 382 व्यक्ति/वर्ग किमी | आंकड़े जारी होने पर |
| शहरी जनसंख्या | 31.1% | आंकड़े जारी होने पर |
जनगणना 2011: राज्यों के रिकॉर्ड
| संकेतक | सबसे अधिक | सबसे कम |
|---|---|---|
| जनसंख्या (राज्य) | उत्तर प्रदेश (19.98 करोड़) | सिक्किम (6.1 लाख) |
| लिंगानुपात (राज्य) | केरल (1084) | हरियाणा (879) |
| साक्षरता दर (राज्य) | केरल (94.0%) | बिहार (61.8%) |
| जनसंख्या घनत्व (राज्य) | बिहार (1106) | अरुणाचल प्रदेश (17) |
जनसंख्या घनत्व को भूगोल से जोड़कर समझें तो उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी वाला उत्तर का विशाल मैदान देश का सबसे घना बसा क्षेत्र है, जबकि कम वर्षा वाले थार मरुस्थल में आबादी काफ़ी विरल है। वहीं लक्षद्वीप द्वीप समूह 2011 में सबसे कम आबादी वाला केंद्रशासित प्रदेश था।
1951 से 2011 तक भारत की जनसंख्या (करोड़ में)
भारत में जनगणना का इतिहास
| वर्ष | महत्वपूर्ण बात |
|---|---|
| 1872 | लॉर्ड मेयो के समय पहली जनगणना, पर पूरे देश में एक साथ नहीं (असमकालिक) |
| 1881 | लॉर्ड रिपन के समय पहली समकालिक (एक साथ) जनगणना; जनगणना आयुक्त डब्ल्यू. सी. प्लाउडेन |
| 1931 | अंतिम जनगणना जिसमें सभी जातियों की पूरी गणना हुई |
| 1951 | स्वतंत्र भारत की पहली जनगणना, जनगणना अधिनियम 1948 के तहत |
| 2011 | 15वीं जनगणना (आज़ादी के बाद 7वीं) |
| 2021 | कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित |
| 2027 | 16वीं जनगणना; पहली डिजिटल जनगणना, स्व-गणना और जाति गणना के साथ |
परीक्षा उपयोगी तथ्य और क्विज़
- जनगणना 2027 भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना है।
- जनगणना गृह मंत्रालय के अधीन भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय कराता है।
- जनगणना संविधान की सातवीं अनुसूची की संघ सूची का विषय है।
- मुख्य संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027; बर्फ़ीले क्षेत्रों के लिए 1 अक्टूबर 2026।
- पहली बार स्व-गणना की सुविधा; पोर्टल se.census.gov.in।
- स्वीकृत लागत ₹11,718.24 करोड़।
प्रश्न 1. जनगणना 2027 भारत की कौन-सी जनगणना है?
- 14वीं
- 15वीं
- 16वीं
- 17वीं
✅ उत्तर देखें
प्रश्न 2. देश के अधिकांश भाग के लिए जनगणना 2027 की संदर्भ तिथि क्या है?
- 1 अक्टूबर 2026
- 1 मार्च 2027
- 1 अप्रैल 2026
- 9 फरवरी 2027
✅ उत्तर देखें
प्रश्न 3. भारत में पहली समकालिक जनगणना किस वर्ष हुई?
- 1872
- 1881
- 1901
- 1951
✅ उत्तर देखें
प्रश्न 4. जनगणना 2011 के अनुसार किस राज्य का लिंगानुपात सबसे अधिक था?
- तमिलनाडु
- केरल
- हरियाणा
- गोवा
✅ उत्तर देखें
प्रश्न 5. जनगणना अधिनियम किस वर्ष बना?
- 1948
- 1950
- 1961
- 1990
✅ उत्तर देखें
जनगणना 2027: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
जनगणना 2027 कब शुरू हुई और कब ख़त्म होगी?
जनगणना 2027 का वर्ष 2027 क्यों माना गया, जबकि काम 2026 में शुरू हुआ?
क्या जनगणना 2027 में जाति पूछी जा रही है?
स्व-गणना कहाँ और कैसे करें?
क्या स्व-गणना करना अनिवार्य है?
क्या जनगणना में दी गई जानकारी सुरक्षित है?
जनगणना 2027 के आंकड़े कब जारी होंगे?
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आधिकारिक स्रोत
- भारत की जनगणना (महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त): censusindia.gov.in
- स्व-गणना पोर्टल: se.census.gov.in
- मंत्रिमंडल का निर्णय (12 दिसंबर 2025): pmindia.gov.in
