भारत के तटीय मैदान: पश्चिमी व पूर्वी तट, उपविभाग, बंदरगाह और जनसंख्या [Notes]

🗓️ अंतिम अपडेट: 17 अक्टूबर 2026

भारतीय प्रायद्वीप के दोनों किनारों पर समुद्र तट और पर्वत श्रेणियों के बीच फैले विस्तृत भू-भाग को भारत के तटीय मैदान (Coastal Plains of India) कहा जाता है। यदि आप भारत के तटीय मैदानों की विशेषताएँ, पश्चिमी तटीय मैदान और पूर्वी तटीय मैदान में अंतर, कोंकण, मालाबार, उत्कल और कोरोमंडल तट तथा इनसे जुड़े हर भौगोलिक पहलू को सरल भाषा में समझना चाहते हैं, तो यह मार्गदर्शिका आपके लिए उपयोगी है। UPSC, State PSC, SSC और अन्य परीक्षाओं में तटीय मैदानों के उपविभाग, बंदरगाह, लैगून झीलें और कृषि-आर्थिक महत्व से प्रश्न बहुतायत में पूछे जाते हैं। इस लेख में हम गुजरात के कच्छ से स्वर्णरेखा नदी और कन्याकुमारी तक फैले इन मैदानों के निर्माण, उपविभागों और जनसंख्या से जुड़े पहलुओं को क्रम से समझेंगे।

~6100 किमीमुख्य भूमि का तट
2 भागपश्चिमी व पूर्वी मैदान
~64 किमीपश्चिमी मैदान की औसत चौड़ाई
100–130 किमीपूर्वी मैदान की चौड़ाई
एश्चुअरीपश्चिमी नदियों के मुहाने
डेल्टापूर्वी नदियों के मुहाने

1. भारत के तटीय मैदानों की सामान्य विशेषताएँ

भारत के तटीय मैदान गुजरात के कच्छ से लेकर स्वर्णरेखा नदी तक मुख्य भूमि पर लगभग 6100 किलोमीटर की लंबाई में फैले हैं। इनका विस्तार प्रायद्वीपीय पर्वत श्रेणियों और समुद्र तट के बीच संकरी तटीय पट्टियों के रूप में पश्चिम में अरब सागर से पूर्व में बंगाल की खाड़ी तक मिलता है।

  • तटीय मैदान की चौड़ाई पश्चिमी तट की अपेक्षा पूर्वी तट पर अधिक है।
  • इनका निर्माण सागरीय तरंगों द्वारा अपरदन व निक्षेपण एवं पठारी नदियों द्वारा लाए गए अवसादों के जमाव से हुआ है।
  • तटीय मैदान को मुख्य रूप से दो भागों में बाँटा जाता है: (1) पश्चिमी तटीय मैदान और (2) पूर्वी तटीय मैदान।
📌 ध्यान दें: सरकारी स्रोतों में मुख्य भूमि का तट लगभग 6100 किमी (द्वीपों सहित लगभग 7516 किमी) माना जाता रहा है। 2024 में नई माप के आधार पर भारत का कुल तट लगभग 11,099 किमी आँका गया है। परीक्षा में पाठ्य-पुस्तकों वाला 6100 किमी ही लिखें, जब तक प्रश्न में नए आंकड़े का उल्लेख न हो।

2. पश्चिमी तटीय मैदान (Western Coastal Plains)

पश्चिमी घाट तथा अरब सागर के तट के बीच बना मैदान पश्चिमी तटीय मैदान कहलाता है। यह गुजरात (कच्छ) से कन्याकुमारी तक फैला है।

  • यह एक संकरी जलोढ़ पट्टी है, जिसमें बीच-बीच में पहाड़ी भाग हैं। इसकी चौड़ाई गुजरात में सर्वाधिक है।
  • पाठ्य-पुस्तकों में इसकी औसत चौड़ाई लगभग 64 किमी बताई जाती है (कुछ स्रोतों में 50–100 किमी)।
  • इस तट का उत्तरी भाग ‘कोंकण तट’, मध्य भाग ‘कन्नड़ तट’ और दक्षिणी भाग ‘मालाबार तट’ कहलाता है।
  • यह तट पथरीला और कटा-फटा होने के कारण जुताई के लिए कम उपयुक्त है, पर प्राकृतिक बंदरगाहों के विकास के लिए अत्यंत अनुकूल है। यहाँ कई अनूप (लैगून) झीलें मिलती हैं।
  • यहाँ की नदियाँ (जैसे नर्मदा और तापी) मुहाने पर डेल्टा न बनाकर एश्चुअरी (Estuary) बनाती हैं।

पश्चिमी तटीय मैदान के प्रमुख उपविभाग

  1. गुजरात का तट (काठियावाड़ का तट): कच्छ से सूरत तक फैला यह क्षेत्र देश में सर्वाधिक नमक उत्पादन, ज्वारीय बंदरगाह कांडला, निजी क्षेत्र के मुंदरा पोर्ट और जामनगर रिफाइनरी के लिए प्रसिद्ध है। इसे कच्छ, काठियावाड़ और गुजरात के मैदान में बाँटा जाता है।
  2. कोंकण तट: दमन से गोवा तक महाराष्ट्र और गोवा का तटीय क्षेत्र कोंकण तट कहलाता है। यह आम, समुद्री पर्यटन, मुंबई बंदरगाह और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (न्हावा शेवा/JNPT) के लिए प्रसिद्ध है।
  3. कन्नड़ तट (कनारा तट): गोवा से मंगलोर तक का कर्नाटक का तटीय क्षेत्र। यहाँ का प्रमुख बंदरगाह न्यू मंगलोर है, जहाँ से लौह अयस्क, कॉफी और काजू जैसी वस्तुओं का निर्यात होता है।
  4. मालाबार तट: मंगलोर से कन्याकुमारी तक फैले इस तट का अधिकांश भाग केरल में है, इसलिए इसे ‘केरल तट’ भी कहते हैं। यहाँ अनेक लैगून झीलें हैं, जिन्हें ‘कयाल’ कहा जाता है (जैसे वेम्बनाडु, पुन्नामदा और अष्टमुडी)। यह तट मसालों (काली मिर्च, इलायची) और नारियल के लिए प्रसिद्ध है।

3. पूर्वी तटीय मैदान (Eastern Coastal Plains)

पूर्वी घाट तथा बंगाल की खाड़ी के बीच बना यह मैदान पश्चिम बंगाल (स्वर्णरेखा) से कन्याकुमारी तक फैला है और पश्चिमी तटीय मैदान की तुलना में अधिक चौड़ा और समतल है।

  • इसकी चौड़ाई लगभग 100–130 किमी है (औसत लगभग 120 किमी)। आंध्र प्रदेश के कृष्णा-गोदावरी डेल्टा क्षेत्र में यह सबसे अधिक चौड़ा है, जबकि कावेरी डेल्टा में इसकी चौड़ाई लगभग 130 किमी तक है।
  • डेल्टा बनने के कारण यह मैदान खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त है, पर सपाट तट के कारण यहाँ प्राकृतिक बंदरगाहों की कमी है।
  • महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी अपने मुहाने पर विशाल डेल्टा बनाती हैं।
  • यहाँ प्रसिद्ध लैगून झीलें हैं: ओडिशा की चिल्का झील (भारत की सबसे बड़ी तटीय लैगून झील, मीठे-खारे पानी के मिश्रण वाली) और आंध्र प्रदेश-तमिलनाडु सीमा की पुलिकट झील।

पूर्वी तटीय मैदान के प्रमुख उपविभाग

  1. उत्कल तट: स्वर्णरेखा नदी से महानदी के बीच (मुख्यतः ओडिशा) फैला यह तट पाराद्वीप बंदरगाह और चिल्का झील के लिए प्रसिद्ध है।
  2. उत्तरी सरकार तट (कलिंग तट): महानदी से कृष्णा नदी के बीच (ओडिशा के दक्षिणी भाग और आंध्र प्रदेश) विस्तृत है।
  3. काकीनाडा और विशाखापट्टनम का तट (उत्तरी सरकार का भाग): विशाखापट्टनम बंदरगाह को परीक्षाओं में भारत का सबसे गहरा प्राकृतिक, स्थल-रुद्ध (Landlocked) बंदरगाह माना जाता है।
  4. कोरोमंडल तट: कृष्णा नदी के डेल्टा से कन्याकुमारी तक के तट को कोरोमंडल तट कहते हैं। यह चेन्नई के कृत्रिम बंदरगाह और उत्तर-पूर्वी (शीतकालीन) मानसून से वर्षा के लिए जाना जाता है। श्रीहरिकोटा द्वीप पुलिकट झील के पास इसी तट पर स्थित है।

4. पश्चिमी और पूर्वी तटीय मैदान में अंतर

आधार पश्चिमी तटीय मैदान पूर्वी तटीय मैदान
स्थिति पश्चिमी घाट और अरब सागर के बीच पूर्वी घाट और बंगाल की खाड़ी के बीच
चौड़ाई संकरा (औसत लगभग 64 किमी) अधिक चौड़ा (लगभग 100–130 किमी)
तट की प्रकृति कटा-फटा, पथरीला सपाट, समतल
नदी मुहाने एश्चुअरी (नर्मदा, तापी) डेल्टा (महानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी)
बंदरगाह प्राकृतिक बंदरगाह अधिक प्राकृतिक बंदरगाह कम
झीलें कयाल (केरल) चिल्का, पुलिकट
प्रमुख उपविभाग गुजरात, कोंकण, कन्नड़, मालाबार उत्कल, उत्तरी सरकार, कोरोमंडल

5. प्रमुख बंदरगाह

तट बंदरगाह और राज्य
पश्चिमी कांडला (गुजरात, ज्वारीय), मुंदरा (गुजरात, निजी), मुंबई और JNPT (महाराष्ट्र), मरमगाओ (गोवा), न्यू मंगलोर (कर्नाटक), कोच्चि (केरल)
पूर्वी कोलकाता-हल्दिया (पश्चिम बंगाल), पाराद्वीप (ओडिशा), विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश), चेन्नई और एन्नोर (तमिलनाडु), तूतीकोरिन (तमिलनाडु)

6. जनसंख्या और जनगणना की दृष्टि से तटीय राज्य

भारत में 9 तटीय राज्य (गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल) और 4 तटीय केंद्र शासित प्रदेश हैं। जनगणना 2011 में इनका जनसंख्या घनत्व इस प्रकार था:

राज्य घनत्व (व्यक्ति/वर्ग किमी) लिंगानुपात
पश्चिम बंगाल 1,029 953
केरल 859 1,084
तमिलनाडु 555 996
गोवा 394 973
महाराष्ट्र 365 929
कर्नाटक 319 973
गुजरात 308 919
आंध्र प्रदेश 303 993
ओडिशा 269 978
भारत (कुल) 382 943
पूर्वी तट के उपजाऊ डेल्टाई मैदानों में घनत्व अधिक है, जबकि पश्चिमी तट पर केरल सबसे अलग दिखता है। ये 2011 के आंकड़े हैं। नए आंकड़े जनगणना 2027 के बाद आएँगे। इसकी तिथियाँ, चरण और प्रश्न हमारे विस्तृत लेख में देखें। तटीय मैदानों की तुलना में पठारी राज्यों को प्रायद्वीपीय पठार के लेख में पढ़ें।

परीक्षा उपयोगी क्विज़: तटीय मैदान

प्रश्न 1. उत्कल तट किन नदियों के बीच स्थित है?

  1. कृष्णा और कावेरी
  2. स्वर्णरेखा और महानदी
  3. महानदी और कृष्णा
  4. गोदावरी और कावेरी
✅ उत्तर देखें
(b) स्वर्णरेखा और महानदी

प्रश्न 2. केरल के तट पर लैगून झीलों को क्या कहते हैं?

  1. कयाल
  2. टाल
  3. बेट
  4. धांड
✅ उत्तर देखें
(a) कयाल

प्रश्न 3. पश्चिमी तटीय मैदान की नदियाँ मुहाने पर क्या बनाती हैं?

  1. डेल्टा
  2. एश्चुअरी
  3. लैगून
  4. द्वीप
✅ उत्तर देखें
(b) एश्चुअरी

प्रश्न 4. भारत का सबसे गहरा स्थल-रुद्ध बंदरगाह कौन-सा माना जाता है?

  1. चेन्नई
  2. पाराद्वीप
  3. विशाखापट्टनम
  4. कांडला
✅ उत्तर देखें
(c) विशाखापट्टनम

प्रश्न 5. जनगणना 2011 में तटीय राज्यों में सबसे अधिक घनत्व किसका था?

  1. केरल
  2. तमिलनाडु
  3. पश्चिम बंगाल
  4. गोवा
✅ उत्तर देखें
(c) पश्चिम बंगाल, 1,029 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी

निष्कर्ष

भारतीय प्रायद्वीप के दोनों छोरों पर फैले भारत के तटीय मैदान देश की आर्थिक, व्यापारिक और सामरिक रीढ़ हैं। पश्चिम में प्राकृतिक बंदरगाह, कयाल और पर्यटन तथा पूर्व में उपजाऊ डेल्टाई मैदान, कृषि और झीलें भारत की भौगोलिक विविधता को पूर्ण करते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से इन मैदानों के उपविभागों, बंदरगाहों और जलवायु का अध्ययन हर अभ्यर्थी के लिए ज़रूरी है।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

भारत के तटीय मैदानों का विस्तार कहाँ से कहाँ तक है और इनका निर्माण कैसे हुआ है?
भारत के तटीय मैदान गुजरात के कच्छ और स्वर्णरेखा नदी से लेकर कन्याकुमारी तक मुख्य भूमि पर लगभग 6100 किमी की लंबाई में फैले हैं। इनका निर्माण सागरीय तरंगों के अपरदन व निक्षेपण तथा प्रायद्वीपीय पठार की नदियों द्वारा लाए गए अवसादों के जमाव से हुआ है।
पश्चिमी तटीय मैदान और पूर्वी तटीय मैदान की चौड़ाई में क्या अंतर है?
पश्चिमी तटीय मैदान एक संकरी पट्टी है, जिसकी पाठ्य-पुस्तकों में औसत चौड़ाई लगभग 64 किमी बताई जाती है। पूर्वी तटीय मैदान अधिक चौड़ा (लगभग 100–130 किमी, औसत करीब 120 किमी) और समतल है, क्योंकि पूर्वी तट की नदियाँ बड़े डेल्टा बनाती हैं।
पश्चिमी तटीय मैदान के प्रमुख उपविभाग कौन-से हैं?
पश्चिमी तटीय मैदान को चार भागों में बाँटा जाता है: (1) गुजरात का तट, (2) कोंकण तट (दमन से गोवा), (3) कन्नड़ तट (गोवा से मंगलोर) और (4) मालाबार तट (मंगलोर से कन्याकुमारी)।
मालाबार तट की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
मालाबार तट का अधिकांश भाग केरल में है। यहाँ अनेक लैगून झीलें हैं जिन्हें ‘कयाल’ कहते हैं (जैसे वेम्बनाडु और अष्टमुडी)। यह तट मसालों (काली मिर्च, इलायची) और नारियल के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
पूर्वी तटीय मैदान के प्रमुख उपविभाग कौन-से हैं?
पूर्वी तटीय मैदान को तीन मुख्य भागों में बाँटा जाता है: उत्कल तट (स्वर्णरेखा से महानदी), उत्तरी सरकार तट (महानदी से कृष्णा) और कोरोमंडल तट (कृष्णा से कन्याकुमारी)। काकीनाडा और विशाखापट्टनम का क्षेत्र उत्तरी सरकार तट में आता है।
कोरोमंडल तट पर वर्षा किस मानसून से होती है?
कोरोमंडल तट (मुख्यतः तमिलनाडु का तटीय क्षेत्र) पर सर्वाधिक वर्षा अक्टूबर से दिसंबर के बीच उत्तर-पूर्वी (शीतकालीन) मानसून से होती है।
कयाल (Kayal) किसे कहते हैं और यह कहाँ पाए जाते हैं?
केरल के मालाबार तट पर समुद्र के पास बनी लैगून (अनूप) झीलों और पश्चायनों को स्थानीय भाषा में ‘कयाल’ कहा जाता है, जैसे वेम्बनाडु और अष्टमुडी झील।
भारत का सबसे गहरा स्थल-रुद्ध (Landlocked) बंदरगाह कौन-सा है?
परीक्षाओं में आंध्र प्रदेश का विशाखापट्टनम बंदरगाह भारत का सबसे गहरा प्राकृतिक, स्थल-रुद्ध बंदरगाह माना जाता है। यह पूर्वी तट पर डॉल्फिन नोज़ पहाड़ी की आड़ में सुरक्षित है।
पश्चिमी और पूर्वी तट की नदियाँ किस प्रकार की आकृतियाँ बनाती हैं?
पश्चिमी तटीय मैदान की नदियाँ (जैसे नर्मदा और तापी) तेज़ बहाव के कारण अरब सागर में गिरते समय ‘एश्चुअरी’ (ज्वारनदमुख) बनाती हैं, जबकि पूर्वी तट की महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी बंगाल की खाड़ी में विशाल ‘डेल्टा’ बनाती हैं।
भारत की सबसे बड़ी तटीय लैगून झील कौन-सी है?
ओडिशा के उत्कल तट पर स्थित ‘चिल्का झील’ भारत की सबसे बड़ी तटीय लैगून झील है। इसमें मीठे और खारे पानी का मिश्रण (ब्रैकिश जल) है और इसका क्षेत्रफल मौसम के अनुसार लगभग 900 से 1,165 वर्ग किमी रहता है।
तटीय राज्यों में जनगणना 2011 के अनुसार सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व किसका था?
पश्चिम बंगाल का, 1,029 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी। उसके बाद केरल (859) और तमिलनाडु (555) आते हैं। पूरे भारत का औसत घनत्व 382 था।
केरल जनगणना 2011 में किस बात के लिए प्रसिद्ध है?
केरल में लिंगानुपात सबसे अधिक, 1,084 महिलाएँ प्रति 1,000 पुरुष, था। राष्ट्रीय औसत 943 था।
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लेखक परिचय: केवल कृष्ण घोड़ेला
एम.ए., बी.एड. (नेट हिंदी), कॉलेज व्याख्याता, श्रीगंगानगर (राजस्थान)

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