उत्तर प्रदेश जनगणना 2027 का दूसरा चरण, यानी जनसंख्या की गिनती, देश के ज़्यादातर राज्यों से पहले यूपी में शुरू हो रहा है। भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त की राजपत्र अधिसूचना (5 सितंबर 2026) के अनुसार यूपी में स्व-गणना 16 से 30 नवंबर 2026 तक होगी। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर गिनती करेंगे, और 5 से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण दौर चलेगा। यह जनगणना 2027 के दोनों चरणों में से दूसरा चरण है, जिसमें पहली बार हर व्यक्ति की जाति भी दर्ज की जाएगी।
अंग्रेज़ी या हिंग्लिश में लोग इसे UP Census 2027, Uttar Pradesh Janganana 2027 या UP mein janganana kab hogi लिखकर भी खोजते हैं। इस लेख में तीनों तरह की खोज का जवाब है।
- यूपी में जनगणना 2027 का पूरा कार्यक्रम
- यूपी में तारीखें बाकी राज्यों से पहले क्यों?
- यूपी में स्व-गणना कैसे करें
- घर-घर गणना में क्या पूछा जाएगा
- यूपी के परिवारों की तैयारी (चेकलिस्ट)
- संदर्भ तिथि का मतलब
- जनगणना 2011 में उत्तर प्रदेश के आँकड़े
- धोखाधड़ी से सावधान
- भ्रम और तथ्य
- परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यूपी में जनगणना 2027 का पूरा कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश में जनगणना दो चरणों में हो रही है। पहला चरण (मकान सूचीकरण) इसी साल पूरा हो चुका है। रिपोर्टों के अनुसार यूपी में पहले चरण की स्व-गणना 7 से 21 मई 2026 को हुई थी, और मकानों की सूची बनाने का काम उसके बाद 30 दिन चला। दूसरे चरण की तारीखें नीचे तालिका में हैं।
| चरण | तारीख | क्या होगा |
|---|---|---|
| जागरूकता अभियान | 15 अक्टूबर से 15 दिसंबर 2026 | स्कूलों और सार्वजनिक जगहों पर लोगों को स्व-गणना के लिए प्रेरित किया जा रहा है |
| स्व-गणना (वैकल्पिक) | 16 से 30 नवंबर 2026 | परिवार पोर्टल पर खुद जानकारी भरता है और SE ID पाता है |
| घर-घर गणना | 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 | प्रगणक हर घर जाकर जनसंख्या के 40 प्रश्न पूछते हैं |
| पुनरीक्षण दौर | 5 से 9 जनवरी 2027 | जन्म, मृत्यु और नए सदस्यों के बदलाव जाँचे और सुधारे जाते हैं |
| संदर्भ तिथि | 5 जनवरी 2027, मध्यरात्रि (00:00 बजे) | इसी क्षण की स्थिति के आधार पर गिनती मानी जाती है |
यूपी के लिए यह कार्यक्रम 15 अक्टूबर को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई राज्य-स्तरीय वीडियो कॉन्फ़्रेंस में दोहराया गया। उसमें मंडलायुक्त, ज़िलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी शामिल थे। निर्देश साफ़ थे: कोई भी परिवार गिनती से छूटे नहीं, काम केवल प्रशिक्षित कर्मचारी करें, और आँकड़ों की गुणवत्ता सबसे ऊपर रहे।
यूपी में तारीखें बाकी राज्यों से पहले क्यों?
पहले पूरे देश में जनसंख्या की गिनती फरवरी 2027 में तय थी। बाद में चार राज्यों के लिए इसे आगे खिसकाकर उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड (बर्फीले इलाकों को छोड़कर) में दिसंबर से कर दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार वजह यह है कि इन राज्यों में 2027 की पहली छमाही में विधानसभा चुनाव होने हैं, और चुनाव के काम से टकराव से बचना था। यूपी विधानसभा का कार्यकाल मई 2027 में पूरा होता है। यह वजह राजपत्र में नहीं लिखी गई, इसलिए इसे रिपोर्टों पर आधारित मानें।
बाकी ज़्यादातर राज्यों में संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 है और गिनती फरवरी 2027 में होनी है। उनकी तारीख़ें अलग से घोषित होंगी। देश भर का पूरा ढाँचा हमारे जनगणना 2027 के मुख्य लेख में है।
यूपी में स्व-गणना कैसे करें
स्व-गणना का मतलब है प्रगणक के आने से पहले घर बैठे अपने परिवार की जानकारी खुद भर देना। यह वैकल्पिक है। जो परिवार इसे नहीं भरेगा, उसके यहाँ प्रगणक 1 दिसंबर के बाद आएगा। पूरी प्रक्रिया विस्तार से स्व-गणना कैसे करें वाले लेख में है। संक्षेप में:
- 16 नवंबर 2026 के बाद आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in खोलें। पोर्टल हिंदी समेत 16 भाषाओं में है।
- अपने मोबाइल नंबर से लॉग-इन करें। OTP केवल इसी पोर्टल पर, खुद डालना है।
- राज्य (उत्तर प्रदेश), ज़िला और अपने मकान का पता चुनें।
- परिवार के हर सदस्य की जानकारी भरें: नाम, उम्र, पढ़ाई, काम, भाषा और बाकी प्रश्न।
- जमा करने से पहले प्रीव्यू पेज पर सब कुछ ध्यान से जाँचें।
- जमा करने पर मिली SE ID (स्व-गणना पहचान संख्या) सुरक्षित रखें। प्रगणक आए तो यही नंबर बताएँ, ताकि भरी हुई जानकारी की पुष्टि हो सके।
घर-घर गणना में क्या पूछा जाएगा
1 दिसंबर 2026 से प्रगणक मोबाइल ऐप के ज़रिए हर घर में जाकर जानकारी दर्ज करेंगे। इस चरण में 40 प्रश्न हैं। पहले चरण में मकान और सुविधाओं के प्रश्न थे, अब हर व्यक्ति के बारे में पूछा जाएगा। हर प्रश्न का आसान मतलब हमारे जनगणना 2027 के 40 प्रश्न वाले लेख में है। मोटे तौर पर ये विषय आएँगे:
- पहचान और परिवार: नाम, उम्र, लिंग, परिवार के मुखिया से रिश्ता और वैवाहिक स्थिति।
- धर्म, भाषा और जाति: इस बार हर व्यक्ति से उसकी जाति पूछी जाएगी। यह 1931 के बाद पहली बार हो रहा है। विस्तार के लिए जाति जनगणना 2027 देखें।
- शिक्षा और काम: पढ़ाई का स्तर, स्कूल जाना और रोज़गार की स्थिति।
- दिव्यांगता, प्रवासन और प्रजनन: कहाँ से आए, कब आए, और विवाहित महिलाओं से जुड़े प्रश्न।
- स्वास्थ्य और बैंक: कोविड-19 टीकाकरण का स्थान और बैंक खाते।
- पहचान संख्याएँ: मोबाइल नंबर, आधार, मतदाता पहचान-पत्र जैसे विवरण, जहाँ उपलब्ध हों।
गिनती की यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल है। इसमें ऐप, पोर्टल और डेटा सुरक्षा कैसे काम करती है, यह डिजिटल जनगणना 2027 वाले लेख में समझाया गया है।
यूपी के परिवारों की तैयारी (चेकलिस्ट)
गिनती के दिन जल्दबाज़ी न हो, इसके लिए पहले से इतनी बातें एक कागज़ पर लिख लें:
| क्या तैयार रखें | क्यों काम आएगा |
|---|---|
| परिवार के हर सदस्य का पूरा नाम, जन्म-तारीख या उम्र | शुरुआती प्रश्नों में यही पूछा जाता है |
| सदस्यों की पढ़ाई और काम का ब्योरा | शिक्षा और रोज़गार के प्रश्नों के लिए |
| मातृभाषा और अन्य जानी जाने वाली भाषाएँ | भाषा वाले प्रश्न के लिए |
| जिन सदस्यों ने दूसरे गाँव, शहर या राज्य से आकर बसेरा किया, उनकी जानकारी | प्रवासन के प्रश्न के लिए |
| मोबाइल नंबर, आधार, बैंक खाते की जानकारी | पहचान और बैंक वाले प्रश्नों के लिए, जहाँ उपलब्ध हो |
| पहले चरण में मिली मकान की जानकारी या SE ID (अगर मिली हो) | प्रगणक को मिलान में आसानी होगी |
अगर घर में कोई सदस्य बाहर रहता है, तो उसे गिनने का तरीका प्रगणक के बताए नियम से तय होगा। ऐसे मामलों में बिना घबराए प्रगणक से पूछ लें।
संदर्भ तिथि का मतलब
यूपी के लिए संदर्भ तिथि 5 जनवरी 2027 की मध्यरात्रि (00:00 बजे) है। यानी जनगणना उस क्षण की स्थिति दर्ज करती है। उस क्षण से पहले जन्मा बच्चा गिना जाएगा, और जिसकी मृत्यु उससे पहले हो चुकी है उसे नहीं गिना जाएगा। इसी के लिए 5 से 9 जनवरी का पुनरीक्षण दौर रखा गया है, जिसमें घर-घर गणना के दौरान हुए जन्म-मृत्यु या बदलाव सुधारे जाते हैं।
उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों और लद्दाख, जम्मू-कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश के बर्फीले हिस्सों के लिए संदर्भ तिथि अलग (1 अक्टूबर 2026) रखी गई थी। इसलिए उत्तराखंड के लिए दिसंबर वाली तारीख़ें केवल बाकी हिस्सों पर लागू होती हैं।
जनगणना 2011 में उत्तर प्रदेश के आँकड़े
2027 के नतीजे आने तक हमारे पास सबसे ताज़ा आधिकारिक आँकड़े 2011 के ही हैं। जनगणना 2011 के अंतिम आँकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश की स्थिति यह थी:
| विषय | जनगणना 2011 (उत्तर प्रदेश) |
|---|---|
| कुल जनसंख्या | 19,98,12,341 (लगभग 20 करोड़) |
| पुरुष / महिला | 10,44,80,510 / 9,53,31,831 |
| देश की जनसंख्या में हिस्सा | लगभग 16.5%, यानी देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य |
| जनसंख्या घनत्व | 829 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी |
| लिंगानुपात | 912 महिलाएँ प्रति 1000 पुरुष |
| बाल लिंगानुपात (0-6 वर्ष) | 902 |
| साक्षरता | 67.68% (पुरुष 77.28%, महिला 57.18%) |
| शहरी / ग्रामीण आबादी | लगभग 22.3% / 77.7% |
| ज़िलों की संख्या (2011 में) | 71 |
| सबसे अधिक आबादी वाला ज़िला (2011) | प्रयागराज (तब इलाहाबाद) |
अब यूपी में 75 ज़िले हैं। 2011 के बाद राज्य की आबादी काफ़ी बढ़ चुकी है, पर उसका आधिकारिक आँकड़ा जनगणना 2027 पूरी होने के बाद ही आएगा। तब तक बाज़ार में चल रहे “24-25 करोड़” जैसे आँकड़े केवल अनुमान हैं।
धोखाधड़ी से सावधान
प्रगणक आए तो उसका पहचान-पत्र देखें और उसे अपनी SE ID (यदि बनी हो) बताएँ। किसी अनजान लिंक पर क्लिक करके जनगणना का फ़ॉर्म न भरें।
भ्रम और तथ्य: यूपी की जनगणना को लेकर आम गलतफ़हमियाँ
| भ्रम | तथ्य |
|---|---|
| स्व-गणना नहीं की तो नाम गिनती से छूट जाएगा। | स्व-गणना वैकल्पिक है। 1 दिसंबर से प्रगणक हर घर आएगा, चाहे आपने स्व-गणना की हो या नहीं। |
| 16 नवंबर से पूरे देश में स्व-गणना शुरू हो रही है। | 16 से 30 नवंबर की खिड़की फिलहाल उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड (बर्फीले इलाकों को छोड़कर) के लिए है। बाकी राज्यों की तारीख़ें अलग से घोषित होंगी। |
| जनगणना में आधार, राशन कार्ड और जाति प्रमाण-पत्र जैसे कागज़ जमा करने होंगे। | रिपोर्टों के अनुसार कोई दस्तावेज़ जमा नहीं करवाए जाएँगे। आप जो बताएँगे वही दर्ज होगा। |
| जनगणना की जानकारी पुलिस, बैंक या अदालत में इस्तेमाल हो सकती है। | जनगणना अधिनियम, 1948 में व्यक्तिगत जानकारी को गोपनीय रखा गया है, और उसे अदालत में सबूत के तौर पर भी स्वीकार नहीं किया जाता। |
| censusindia.org पर फ़ॉर्म भरकर स्व-गणना कर सकते हैं। | नहीं। हम सरकारी साइट नहीं हैं। स्व-गणना केवल se.census.gov.in पर होती है। |
जाति वाले प्रश्न के बारे में रिपोर्टों में कहा गया है कि यह खुला प्रश्न होगा, यानी आप अपनी जाति जो बताएँगे वही दर्ज होगी। इस पर विस्तार से जानना हो तो जाति जनगणना 2027 का लेख पढ़ें।
परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न
UPSSC, UP पुलिस, PCS और अन्य परीक्षाओं में जनगणना और राज्य के आँकड़ों से प्रश्न आते हैं। नीचे के प्रश्न हल करें और ✅ उत्तर देखें दबाकर मिलान करें।
प्रश्न 1. यूपी में जनगणना 2027 के दूसरे चरण में स्व-गणना की अवधि क्या है?
- (क) 1 से 15 नवंबर 2026
- (ख) 16 से 30 नवंबर 2026
- (ग) 1 से 15 दिसंबर 2026
- (घ) 10 से 24 जनवरी 2027
✅ उत्तर देखें
प्रश्न 2. यूपी में घर-घर गणना किस अवधि में होगी?
- (क) 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027
- (ख) 9 से 28 फरवरी 2027
- (ग) 16 से 30 नवंबर 2026
- (घ) 5 से 9 जनवरी 2027
✅ उत्तर देखें
प्रश्न 3. जनगणना 2011 में उत्तर प्रदेश का लिंगानुपात कितना था?
- (क) 898
- (ख) 912
- (ग) 940
- (घ) 927
✅ उत्तर देखें
प्रश्न 4. जनगणना 2011 के अनुसार उत्तर प्रदेश की साक्षरता दर कितनी थी?
- (क) 61.8%
- (ख) 64.8%
- (ग) 67.68%
- (घ) 74.04%
✅ उत्तर देखें
प्रश्न 5. जनगणना 2011 में उत्तर प्रदेश का सबसे अधिक आबादी वाला ज़िला कौन-सा था?
- (क) लखनऊ
- (ख) कानपुर नगर
- (ग) प्रयागराज
- (घ) आगरा
✅ उत्तर देखें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यूपी में जनगणना 2027 कब होगी? (UP mein Census 2027 kab hogi)
उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण की स्व-गणना 16 से 30 नवंबर 2026 तक है। घर-घर गणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक चलेगी, और पुनरीक्षण दौर 5 से 9 जनवरी 2027 तक रहेगा।
यूपी में स्व-गणना कब से कब तक है? (UP self enumeration kab se kab tak)
16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक। यह ऑनलाइन सुविधा आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर मिलेगी।
क्या स्व-गणना करना ज़रूरी है?
नहीं, यह वैकल्पिक है। जो परिवार स्व-गणना नहीं करेगा, उसके घर 1 दिसंबर के बाद प्रगणक आएगा।
यूपी में घर-घर जनगणना कब होगी? (UP house to house janganana kab)
1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक हर घर जाकर जनसंख्या के 40 प्रश्न पूछेंगे।
जनगणना के लिए कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?
रिपोर्टों के अनुसार प्रगणक कोई दस्तावेज़ जमा नहीं करवाएँगे। परिवार जो जानकारी बताएगा वही दर्ज होगी। मोबाइल, आधार और मतदाता पहचान-पत्र जैसी संख्याएँ जहाँ उपलब्ध हों वहाँ पूछी जाएँगी।
यूपी की तारीखें बाकी राज्यों से पहले क्यों हैं?
रिपोर्टों के अनुसार उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड में 2027 की पहली छमाही में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए यहाँ गिनती दिसंबर में कर दी गई। यह वजह राजपत्र में नहीं लिखी है।
बाकी राज्यों में जनगणना कब होगी?
ज़्यादातर राज्यों में संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 है और गिनती फरवरी 2027 में होनी है। राज्यवार तारीख़ें अलग से घोषित होंगी।
जनगणना 2011 में उत्तर प्रदेश की जनसंख्या कितनी थी?
19,98,12,341, यानी लगभग 20 करोड़। लिंगानुपात 912 और साक्षरता 67.68% थी।
जनगणना के नाम पर कोई OTP माँगे तो क्या करें?
OTP किसी को न बताएँ। OTP केवल आधिकारिक पोर्टल पर आप खुद डालते हैं। असली प्रगणक पैसे या OTP नहीं माँगता। शंका हो तो हेल्पलाइन 1855 पर कॉल करें।
आधिकारिक वेबसाइट
पंजाब, उत्तराखंड और गोवा के लिए भी यही कार्यक्रम है, और उनके अलग राज्य-पेज जल्द जोड़े जाएँगे। देश के बाकी हिस्से का हाल जनगणना 2027 के मुख्य लेख में देखें।
🕒 अंतिम अपडेट: 25 अक्टूबर 2026
