भारतीय भूगोल के अंतर्गत भारत के द्वीप समूह (Indian Islands in Hindi) एक अत्यंत रोमांचक, सामरिक और भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो देश की तटरेखा और समुद्री सीमाओं को अनूठी सुंदरता प्रदान करते हैं। यदि आप अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह (Andaman and Nicobar Islands) और लक्षद्वीप समूह (Lakshadweep Islands) से जुड़े हर पहलू को सरल भाषा में समझना चाहते हैं, तो यह मार्गदर्शिका आपके लिए उपयोगी है। UPSC, State PSC, SSC जैसी परीक्षाओं में भारत के प्रमुख द्वीप समूहों, उनकी स्थिति, प्रवाल भित्तियों (Coral Reefs) और जनजातियों से जुड़े प्रश्न बहुतायत में पूछे जाते हैं। इस लेख में हम बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के इन द्वीप समूहों के निर्माण, विशेषताओं, चैनलों और जनगणना से जुड़े पहलुओं को क्रम से समझेंगे।
📑 इस लेख में
भारत के द्वीप समूह
वर्तमान में भारत के द्वीप समूह (Indian Islands): विकिपीडिया की सूची के अनुसार भारत में लगभग 1,382 द्वीप हैं (कई पुस्तकों में लगभग 1,200 लिखा मिलता है)। इनमें अंडमान-निकोबार व लक्षद्वीप प्रमुख हैं। भारत के द्वीप समूह को मुख्यतः दो भागों में बाँटा गया है: बंगाल की खाड़ी में ‘अंडमान और निकोबार द्वीप समूह’ और अरब सागर में, केरल के मालाबार तट से कुछ दूरी पर, ‘लक्षद्वीप समूह’।
द्वीप समूह का विभाजन
भारत के द्वीप समूह को दो भागों में बाँटा जाता है –
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (बंगाल की खाड़ी में)
- लक्षद्वीप समूह (अरब सागर में)
1. लक्षद्वीप समूह
- अरब सागर में स्थित यह प्रवाल (मूँगा) निर्मित द्वीप समूह लाखों द्वीपों से नहीं, बल्कि मात्र 36 द्वीपों और द्वीपिकाओं से मिलकर बना है।
- इनमें 12 एटॉल, 3 रीफ और 5 जलमग्न बैंक हैं, और केवल 10 द्वीपों पर मानव आवास है।
- अरब सागर में केरल के मालाबार तट से पश्चिम की ओर लक्षद्वीप स्थित है।
- इसका निर्माण मूंगा चट्टानों (कैल्शियम कार्बोनेट) यानी प्रवाल निक्षेप से हुआ है।

- इसका कुल भूमि क्षेत्रफल लगभग 32 वर्ग किमी है।
- लक्षद्वीप भारत का सबसे छोटा केंद्रशासित प्रदेश है और भारत का प्रमुख प्रवाल (एटॉल) द्वीप समूह है।
- इस द्वीप को अमीनीदीव, लक्कादीव व मिनीकॉय के नाम से जाना जाता था, लेकिन 1 नवंबर 1973 को इसका नाम बदलकर ‘लक्षद्वीप’ कर दिया गया।
- सबसे उत्तर में अमीनीदीव द्वीप समूह है, जबकि सबसे दक्षिण में मिनिकॉय द्वीप स्थित है।
- लक्षद्वीप का सबसे बड़ा द्वीप ‘एंड्रोट’ (लगभग 4.9 वर्ग किमी) है।
- लक्षद्वीप की राजधानी ‘कावारत्ती द्वीप’ है।
- जनगणना 2011 के अनुसार यहाँ की लगभग 96.6 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है।
- लक्षद्वीप में ‘पिट्टी पक्षी अभयारण्य’ स्थित है, जो समुद्री कछुओं और समुद्री पक्षियों का प्रजनन स्थल है।
- कुछ प्रमुख आबाद द्वीप हैं: कावारत्ती, अगत्ती, एंड्रोट और मिनिकॉय।
- 8° चैनल मिनिकॉय को मालदीव से अलग करता है।
- 9° चैनल मिनिकॉय को मुख्य लक्षद्वीप (लक्कादीव) समूह से अलग करता है।
- 11° चैनल उत्तर के अमीनीदीव द्वीपों को दक्षिण के कैनानोर समूह से अलग करता है।
लक्षद्वीप समूह में स्थित प्रमुख द्वीप –
- चेटलट द्वीप
- बित्रा द्वीप
- किल्टन द्वीप
- पेरूमल पार
- कडमत द्वीप
- अमीनी द्वीप
- बंगाराम द्वीप
- अगत्ती द्वीप
- कावारत्ती द्वीप
- एंड्रोट द्वीप
- सुहेली पार
- कल्पेनी द्वीप
- मिनिकॉय द्वीप
2. अंडमान निकोबार द्वीप समूह
- अंडमान निकोबार द्वीप समूह बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के बीच हिन्द महासागर में स्थित द्वीपों का समूह है।
- यह म्यांमार की अराकान योमा पर्वतमाला का ही समुद्र में विस्तार है।
- अराकान योमा पर्वत बंगाल की खाड़ी में डूब जाता है, लेकिन जगह-जगह उसके शिखर ऊपर उठे हुए हैं, जो द्वीप के रूप में दिखाई देते हैं। यही अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह है।
- अंडमान निकोबार द्वीप समूह का क्षेत्रफल 8,249 वर्ग किलोमीटर है। लद्दाख (59,146) और जम्मू-कश्मीर (42,241) के बाद यह क्षेत्रफल में भारत का तीसरा सबसे बड़ा केंद्रशासित प्रदेश है।
- यहाँ लगभग 9 राष्ट्रीय उद्यान और 96 वन्यजीव अभयारण्य हैं।

- यह द्वीप श्रृंखला लगभग 6°45′ से 13°41′ उत्तरी अक्षांश के बीच उत्तर से दक्षिण फैली है।
- ये द्वीप समुद्र में डूबे हुए पर्वतों तथा ज्वालामुखी द्वारा निर्मित हैं।
- पुस्तकों में यह लगभग 572 छोटे-बड़े द्वीपों से मिलकर बना बताया जाता है। नई गणना में 836 द्वीप और द्वीपिकाएँ मिलती हैं, जिनमें से लगभग 31 आबाद हैं।
- इसकी राजधानी ‘पोर्ट ब्लेयर’ (आधिकारिक नाम श्री विजयपुरम) है।
- यह भारत का एक केंद्रशासित प्रदेश है।
- कोको जलमार्ग इसे म्यांमार के कोको द्वीप से अलग करता है।
- अंडमान-निकोबार का सबसे उत्तरी द्वीप ‘लैंडफॉल द्वीप’ है।
- नारकोंडम द्वीप को परीक्षा-पुस्तकों में सुषुप्त ज्वालामुखी माना जाता है (भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण इसे सक्रिय श्रेणी में रखता है), जबकि बैरन द्वीप भारत का एकमात्र प्रमाणित सक्रिय ज्वालामुखी है।
- इस द्वीप समूह की सर्वोच्च चोटी ‘सैडल पीक’ (732 मीटर) उत्तरी अंडमान में स्थित है।
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को 10° चैनल अलग करता है। यह लघु अंडमान को कार निकोबार से बाँटता है और लगभग 150 किमी चौड़ा है।
- अंडमान द्वीप समूह का सबसे दक्षिणी भाग ‘लघु अंडमान’ है।
- कुछ जलमार्ग बंगाल की खाड़ी को अंडमान सागर से जोड़ते हैं।
- दक्षिणी अंडमान (रटलैंड द्वीप) और लघु अंडमान के बीच ‘डंकन पास’ स्थित है।
- कोको द्वीप (म्यांमार) और उत्तरी अंडमान के बीच ‘कोको चैनल’ स्थित है।
- यहाँ गैलेथिया, महात्मा गांधी मरीन और माउंट हैरियट राष्ट्रीय उद्यान प्रमुख हैं।
अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में स्थित प्रमुख द्वीप –
- उत्तरी अंडमान
- मध्य अंडमान
- दक्षिणी अंडमान
- लघु अंडमान
- कार निकोबार
- लघु निकोबार
- ग्रेट निकोबार
अंडमान निकोबार द्वीप समूह का विभाजन
अंडमान निकोबार द्वीप समूह को दो भागों में बाँटा गया है –
- अंडमान द्वीप समूह
- निकोबार द्वीप समूह
(1) अंडमान द्वीप समूह –
- इस समूह में उत्तरी अंडमान, मध्य अंडमान, दक्षिणी अंडमान व लघु अंडमान सम्मिलित हैं। इसका क्षेत्रफल लगभग 6,408 वर्ग किमी है।
- अंडमान के उत्तर में म्यांमार का ‘कोको द्वीप’ है, जो उत्तरी अंडमान से कोको जल संधि द्वारा अलग होता है।
- अंडमान समूह का सबसे बड़ा द्वीप ‘मध्य अंडमान’ (लगभग 1,536 वर्ग किमी) है।
- दक्षिणी अंडमान में राजधानी ‘पोर्ट ब्लेयर’ स्थित है।
- यहीं प्रसिद्ध सेल्युलर जेल है।
- दक्षिणी अंडमान की सबसे ऊँची चोटी ‘माउंट हैरियट’ है।
अंडमान के द्वीपों का विभाजन –
- उत्तरी अंडमान
- मध्य अंडमान
- दक्षिणी अंडमान
- लिटिल अंडमान
(2) निकोबार द्वीप समूह –
- इस द्वीप समूह में कार निकोबार, लघु निकोबार व ग्रेट निकोबार द्वीप हैं।
- निकोबार द्वीप समूह का क्षेत्रफल लगभग 1,841 वर्ग किमी है।
- भारत का दक्षिणतम बिंदु इंदिरा पॉइंट ग्रेट निकोबार द्वीप पर स्थित है, जो निकोबार समूह का सबसे बड़ा द्वीप है।
- निकोबार द्वीप समूह की सर्वोच्च चोटी ‘माउंट थुलियर’ (642 मीटर) ग्रेट निकोबार में है।
निकोबार के द्वीपों का विभाजन –
- कार निकोबार
- लिटिल निकोबार
- ग्रेट निकोबार
3. दोनों द्वीप समूहों की तुलना
| आधार | अंडमान और निकोबार | लक्षद्वीप |
|---|---|---|
| सागर | बंगाल की खाड़ी / अंडमान सागर | अरब सागर |
| निर्माण | डूबे पर्वतों के शिखर और ज्वालामुखी | प्रवाल (मूँगा) निक्षेप |
| क्षेत्रफल | 8,249 वर्ग किमी | लगभग 32 वर्ग किमी |
| राजधानी | पोर्ट ब्लेयर (श्री विजयपुरम) | कावारत्ती |
| जनसंख्या 2011 | 3,80,581 | 64,473 |
| प्रमुख चैनल | 10° चैनल, डंकन पास, कोको चैनल | 8°, 9° और 11° चैनल |
| विशेष | बैरन ज्वालामुखी, सेल्युलर जेल | पिट्टी पक्षी अभयारण्य |
4. भारत के अन्य द्वीप
- श्रीहरिकोटा द्वीप (आंध्र प्रदेश): पुलिकट झील के पास, इसरो का प्रक्षेपण केंद्र।
- पंबन द्वीप (तमिलनाडु): रामेश्वरम यहीं है।
- अब्दुल कलाम द्वीप (ओडिशा): पहले व्हीलर द्वीप, मिसाइल परीक्षण केंद्र के लिए प्रसिद्ध।
- न्यू मूर द्वीप: गंगा-ब्रह्मपुत्र के मुहाने पर बना द्वीप, जो रिपोर्टों के अनुसार अब समुद्र में विलीन हो चुका है।
- माजुली द्वीप (असम): ब्रह्मपुत्र के बीच स्थित, विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप माना जाता है।
5. जनसंख्या, जनजातियाँ और जनगणना
जनगणना 2011 में अंडमान-निकोबार की जनसंख्या 3,80,581 (घनत्व 46 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी) और लक्षद्वीप की 64,473 (घनत्व लगभग 1,976) थी। यानी अंडमान में बड़ा क्षेत्र होने पर भी आबादी बहुत कम है, जबकि छोटे से लक्षद्वीप में घनत्व भारत के औसत (382) से कई गुना अधिक है।
अंडमान-निकोबार की कुछ जनजातियाँ अत्यंत संवेदनशील हैं। जनगणना 2011 में जारवा की संख्या 380 और शोम्पेन की 229 दर्ज हुई थी। सेंटिनेल जैसी कुछ जनजातियों से सीधा संपर्क संभव नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार आगामी जनगणना 2027 में इन द्वीपों की छह प्रमुख जनजातियाँ भी शामिल की जाएँगी। जनगणना की तिथियाँ, चरण और प्रश्न हमारे विस्तृत लेख में देखें। तटीय क्षेत्रों की जनसंख्या के लिए भारत के तटीय मैदान भी पढ़ें।
क्विज़: भारत के द्वीप समूह
प्रश्न 1. अंडमान और निकोबार को आपस में कौन-सा चैनल अलग करता है?
- 8° चैनल
- 9° चैनल
- 10° चैनल
- 11° चैनल
✅ उत्तर देखें
प्रश्न 2. भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी कहाँ है?
- नारकोंडम
- बैरन द्वीप
- माजुली
- कार निकोबार
✅ उत्तर देखें
प्रश्न 3. लक्षद्वीप की राजधानी क्या है?
- अगत्ती
- मिनिकॉय
- कावारत्ती
- एंड्रोट
✅ उत्तर देखें
प्रश्न 4. मिनिकॉय को मालदीव से कौन-सा चैनल अलग करता है?
- 8° चैनल
- 9° चैनल
- 10° चैनल
- डंकन पास
✅ उत्तर देखें
प्रश्न 5. भारत का दक्षिणतम बिंदु इंदिरा पॉइंट किस द्वीप पर है?
- लघु अंडमान
- कार निकोबार
- ग्रेट निकोबार
- दक्षिणी अंडमान
✅ उत्तर देखें
निष्कर्ष
भारतीय उपमहाद्वीप के भौगोलिक परिदृश्य में भारत के द्वीप समूह सामरिक, प्राकृतिक और जैव-विविधता की दृष्टि से अत्यधिक महत्व रखते हैं। बंगाल की खाड़ी के अंडमान-निकोबार और अरब सागर के प्रवाल-निर्मित लक्षद्वीप न केवल देश की समुद्री सीमाओं को सुरक्षा देते हैं, बल्कि पर्यटन, जैव-विविधता और अनूठी जनजातीय संस्कृति के केंद्र भी हैं। परीक्षाओं की दृष्टि से इन द्वीपों की अवस्थिति, 8°, 9°, 10° चैनल, ज्वालामुखी और भौगोलिक विशेषताओं का ज्ञान हर विद्यार्थी के लिए आवश्यक है।
FAQs: भारत के द्वीप समूह
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