बिहार जाति सर्वेक्षण के आँकड़े: जाति-वार जनसंख्या, प्रतिशत और पूरी सूची

🗓️ अंतिम अपडेट: 30 अक्टूबर 2026
ℹ️ ध्यान दें: censusindia.org एक निजी शैक्षिक वेबसाइट है, जिसका भारत सरकार या जनगणना विभाग से कोई संबंध नहीं है। यह लेख बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 2 अक्टूबर 2023 को जारी जाति आधारित गणना की रिपोर्ट के आँकड़ों पर आधारित है। यह किसी राजनीतिक पक्ष का समर्थन नहीं करता।

बिहार जाति सर्वेक्षण देश का पहला ऐसा राज्य-स्तरीय सर्वेक्षण है जिसके जाति-वार आँकड़े इतने विस्तार से सार्वजनिक हुए। इस लेख में कुल जनसंख्या, वर्ग-वार हिस्सा, प्रमुख जातियों की संख्या, धर्म-वार आँकड़े और परीक्षा उपयोगी तथ्य आसान तालिकाओं में दिए गए हैं। देशव्यापी जाति गणना के लिए जाति जनगणना 2027 पढ़ें।

⚡ संक्षिप्त उत्तर: बिहार जाति सर्वेक्षण (रिपोर्ट 2 अक्टूबर 2023) में राज्य की आबादी 13,07,25,310 निकली। इसमें अत्यंत पिछड़ा वर्ग 36.01%, पिछड़ा वर्ग 27.13%, अनुसूचित जाति 19.65%, अनारक्षित 15.52% और अनुसूचित जनजाति 1.68% है। सबसे बड़ी जाति यादव (14.27%) है।
13.07 करोड़कुल जनसंख्या
63.14%OBC (EBC + BC)
36.01%अत्यंत पिछड़ा वर्ग
14.27%यादव (सबसे बड़ी जाति)
2 अक्टूबर 2023रिपोर्ट जारी

Table of Contents

बिहार जाति सर्वेक्षण के मुख्य आँकड़े एक नज़र में

बिहार जाति सर्वेक्षण 2023 के आँकड़े: वर्ग-वार (EBC 36.01%, BC 27.13%, SC 19.65%, सामान्य 15.52%, ST 1.68%) और प्रमुख जातियों का प्रतिशत
वर्ग जनसंख्या प्रतिशत
अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) 4,70,80,514 36.01%
पिछड़ा वर्ग (BC) 3,54,63,936 27.13%
कुल OBC (EBC + BC) 8,25,44,450 63.14%
अनुसूचित जाति (SC) 2,56,89,820 19.65%
अनुसूचित जनजाति (ST) 21,99,361 1.68%
अनारक्षित (सामान्य) 2,02,91,679 15.52%
कुल 13,07,25,310 100%

कुछ समाचार रिपोर्टों में BC का हिस्सा 27.12% लिखा गया है। ऊपर की तालिका में संख्याओं से निकला प्रतिशत दिया गया है।

बिहार जाति सर्वेक्षण क्या है और कब हुआ?

बिहार सरकार ने राज्य के हर परिवार की जाति और आर्थिक स्थिति दर्ज करने के लिए जाति आधारित गणना कराई। इसमें सरकारी सूची की 214 जातियाँ गिनी गईं। यह काम सामान्य प्रशासन विभाग की देखरेख में मोबाइल ऐप की मदद से हुआ।

तारीख घटना
6 जून 2022 जाति आधारित गणना की अधिसूचना जारी
7 से 21 जनवरी 2023 पहला चरण: परिवारों की गिनती और सूचीकरण
15 अप्रैल 2023 दूसरा चरण शुरू: जाति और आर्थिक स्थिति की जानकारी
मई 2023 पटना उच्च न्यायालय की अंतरिम रोक से काम रुका
1 अगस्त 2023 उच्च न्यायालय ने सर्वेक्षण को वैध माना
2 से 16 अगस्त 2023 दूसरा चरण फिर शुरू हुआ और डेटा एंट्री पूरी हुई
2 अक्टूबर 2023 जाति आधारित गणना की रिपोर्ट जारी

बिहार में जाति-वार जनसंख्या कितनी है?

नीचे प्रमुख जातियों की संख्या और राज्य की कुल आबादी में उनका हिस्सा है। वर्ग की जानकारी बिहार की आरक्षण सूची के अनुसार है।

जाति वर्ग जनसंख्या प्रतिशत
यादव पिछड़ा 1,86,50,119 14.27%
दुसाध (धारी/धरही सहित) अनु. जाति लगभग 69.4 लाख 5.31%
रविदास (चमार/मोची) अनु. जाति 68,69,664 5.26%
कुशवाहा (कोइरी) पिछड़ा 55,06,113 4.21%
ब्राह्मण अनारक्षित 47,81,280 3.66%
राजपूत अनारक्षित 45,10,733 3.45%
मुसहर अनु. जाति 40,35,787 3.09%
कुर्मी पिछड़ा 37,62,969 2.88%
भूमिहार अनारक्षित 37,50,886 2.87%
तेली अत्यंत पिछड़ा 36,77,491 2.81%
मल्लाह (निषाद) अत्यंत पिछड़ा 34,10,093 2.61%
नाई अत्यंत पिछड़ा 20,82,048 1.59%
कायस्थ अनारक्षित 7,85,771 0.60%
  • यादव अकेली सबसे बड़ी जाति हैं और पिछड़ा वर्ग में उनका हिस्सा सबसे बड़ा है।
  • अनारक्षित वर्ग की चार प्रमुख जातियाँ (ब्राह्मण, राजपूत, भूमिहार, कायस्थ) मिलाकर लगभग 10.6% हैं।
  • अत्यंत पिछड़ा वर्ग किसी एक जाति का नहीं, बल्कि कई छोटी जातियों का समूह है। इसलिए उसका हिस्सा सबसे बड़ा है, पर उसकी कोई एक जाति बड़ी नहीं है।
🔔 अपडेट: जनगणना 2027 के जाति आँकड़े आधिकारिक रूप से जारी होते ही इस लेख में बिहार से तुलना जोड़ी जाएगी।

धर्म-वार आँकड़े

धर्म प्रतिशत
हिंदू 81.99%
मुस्लिम 17.70%
बौद्ध 0.08%
ईसाई 0.06%
जैन 0.01%
सिख 0.01%
अन्य / धर्म नहीं बताया 0.13%

2011 की जनगणना से तुलना

जनगणना 2011 में बिहार की आबादी 10,40,99,452 थी। सर्वेक्षण में यह 13,07,25,310 निकली, यानी लगभग 2.66 करोड़ (करीब 25.6%) की बढ़ोतरी। बाकी राज्यों की 2011 की जनसंख्या देखने के लिए राज्यों की जनसंख्या सूची देखें।

बिहार सर्वेक्षण और जनगणना में क्या फ़र्क है?

बिंदु बिहार जाति सर्वेक्षण जनगणना 2027
कौन कराता है बिहार सरकार केंद्र सरकार (महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त)
आधार राज्य सरकार का सर्वेक्षण जनगणना अधिनियम 1948
दायरा केवल बिहार पूरा देश
जाति का प्रश्न सभी जातियाँ दर्ज प्रश्न 10 में SC/ST/जाति
आँकड़े 2 अक्टूबर 2023 को जारी अभी तारीख घोषित नहीं

आँकड़े आने के बाद क्या हुआ?

  • नवंबर 2023 में बिहार विधानमंडल ने आरक्षण की सीमा 50% से बढ़ाकर 65% करने का कानून पारित किया।
  • जून 2024 में पटना उच्च न्यायालय ने इस बढ़ोतरी को रद्द कर दिया। मामला आगे सर्वोच्च न्यायालय में गया।
  • इन आँकड़ों से देशभर में जाति गणना की माँग तेज़ हुई, और 30 अप्रैल 2025 को केंद्र ने अगली जनगणना में जाति गणना शामिल करने का निर्णय लिया।

जनगणना 2027 से इसका क्या संबंध है?

बिहार के आँकड़े राज्य तक सीमित हैं। जनगणना 2027 में पहली बार पूरे देश में SC/ST के अलावा जातियाँ भी दर्ज होंगी। तब बिहार के आँकड़ों की तुलना राष्ट्रीय आँकड़ों से हो सकेगी। जनगणना कैसे होगी, यह स्व-गणना गाइड और डिजिटल जनगणना लेख में पढ़ें।

परीक्षा उपयोगी तथ्य

  • बिहार जाति आधारित गणना रिपोर्ट: 2 अक्टूबर 2023 (गांधी जयंती)।
  • कुल जनसंख्या: 13,07,25,310। गिनी गई जातियाँ: 214।
  • EBC 36.01%, BC 27.13%, SC 19.65%, अनारक्षित 15.52%, ST 1.68%।
  • सबसे बड़ी जाति: यादव (14.27%)। हिंदू 81.99%, मुस्लिम 17.70%।
  • 1931 के बाद पहली बार किसी राज्य ने जाति-वार आँकड़े इतने विस्तार से जारी किए।
  • 2011 की जनगणना में बिहार की आबादी: 10,40,99,452।

क्विज़: अपनी तैयारी जाँचें

प्रश्न 1. बिहार जाति आधारित गणना की रिपोर्ट कब जारी हुई?

  1. (1) 2 अक्टूबर 2023
  2. (2) 15 अगस्त 2023
  3. (3) 26 जनवरी 2023
  4. (4) 7 जनवरी 2023
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (1) 2 अक्टूबर 2023
रिपोर्ट गांधी जयंती पर जारी हुई। 7 जनवरी 2023 को पहला चरण शुरू हुआ था।

प्रश्न 2. बिहार सर्वेक्षण के बारे में कथनों पर विचार कीजिए: (A) EBC सबसे बड़ा वर्ग है। (B) SC की हिस्सेदारी 19.65% है। (C) ST की हिस्सेदारी 5% से अधिक है। (D) EBC और BC मिलाकर 63.14% हैं।

  1. (1) केवल A और B
  2. (2) केवल A, B और D
  3. (3) केवल B और C
  4. (4) A, B, C और D सभी
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (2) केवल A, B और D
A सही है (36.01%)। B सही है। C गलत है, ST केवल 1.68% है। D सही है (36.01 + 27.13)।

प्रश्न 3. कथन I: बिहार सर्वेक्षण में EBC की हिस्सेदारी BC से अधिक है। कथन II: बिहार में अनारक्षित वर्ग की हिस्सेदारी SC से अधिक है।

  1. (1) दोनों सही हैं
  2. (2) I सही, II गलत
  3. (3) I गलत, II सही
  4. (4) दोनों गलत हैं
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (2) I सही, II गलत
EBC 36.01% है और BC 27.13%, इसलिए I सही है। अनारक्षित 15.52% है और SC 19.65%, इसलिए II गलत है।

प्रश्न 4. सूची I और सूची II का मिलान कीजिए।

सूची I सूची II
A. यादव I. 3.66%
B. दुसाध II. 5.31%
C. ब्राह्मण III. 14.27%
D. कुशवाहा IV. 4.21%
  1. (1) A-III, B-II, C-I, D-IV
  2. (2) A-III, B-I, C-II, D-IV
  3. (3) A-II, B-III, C-I, D-IV
  4. (4) A-I, B-II, C-III, D-IV
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (1) A-III, B-II, C-I, D-IV
यादव 14.27%, दुसाध 5.31%, ब्राह्मण 3.66% और कुशवाहा 4.21% हैं।

प्रश्न 5. इन घटनाओं को सही क्रम में लगाइए: (A) रिपोर्ट जारी होना (B) पहला चरण शुरू होना (C) पटना उच्च न्यायालय द्वारा सर्वेक्षण को वैध मानना (D) आरक्षण सीमा 65% करने का कानून

  1. (1) B, C, A, D
  2. (2) B, A, C, D
  3. (3) C, B, A, D
  4. (4) B, C, D, A
👉 उत्तर देखें
उत्तर: (1) B, C, A, D
पहला चरण जनवरी 2023 में शुरू हुआ, उच्च न्यायालय का निर्णय 1 अगस्त 2023 को आया, रिपोर्ट 2 अक्टूबर 2023 को जारी हुई और आरक्षण कानून नवंबर 2023 में पारित हुआ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

बिहार जाति सर्वेक्षण के आँकड़े कब जारी हुए?

बिहार सरकार ने जाति आधारित गणना की रिपोर्ट 2 अक्टूबर 2023 को जारी की।

बिहार सर्वेक्षण में कुल जनसंख्या कितनी निकली?

13,07,25,310, यानी लगभग 13.07 करोड़।

बिहार में सबसे बड़ी जाति कौन-सी है?

सर्वेक्षण के अनुसार यादव सबसे बड़ी जाति हैं, जो राज्य की आबादी का लगभग 14.27% हैं।

बिहार में OBC और EBC कितने प्रतिशत हैं?

अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) 36.01% और पिछड़ा वर्ग (BC) 27.13% है। दोनों मिलाकर लगभग 63.14%।

बिहार में SC और ST कितने प्रतिशत हैं?

अनुसूचित जाति (SC) 19.65% और अनुसूचित जनजाति (ST) 1.68%।

बिहार में अनारक्षित (सामान्य) वर्ग कितना है?

15.52%। इनमें ब्राह्मण 3.66%, राजपूत 3.45%, भूमिहार 2.87% और कायस्थ 0.60% हैं।

क्या बिहार का जाति सर्वेक्षण भारत की जनगणना थी?

नहीं। यह बिहार सरकार का अपना सर्वेक्षण था। जनगणना केंद्र सरकार जनगणना अधिनियम 1948 के तहत कराती है।

जनगणना 2027 के जाति आँकड़े कब आएँगे?

अभी इसकी कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है। घोषणा होते ही यह लेख अपडेट होगा।

केवल कृष्ण घोड़ेला (Keval Krishan Ghorela)
लेखक परिचय: केवल कृष्ण घोड़ेला
एम.ए., बी.एड. (नेट हिंदी), कॉलेज व्याख्याता, श्रीगंगानगर (राजस्थान); हिंदी साहित्य चैनल के संचालक

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