नारी शक्ति वंदन अधिनियम और जनगणना का क्या संबंध है?
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण) और जनगणना 2027 का आपस में गहरा संबंध है। यह अधिनियम संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित करता है। हालाँकि, इस आरक्षण को व्यावहारिक रूप से लागू करने के लिए परिसीमन का होना अनिवार्य है, और परिसीमन के लिए नवीनतम जनगणना के आंकड़ों की आवश्यकता होती है।
अतः, 2027 की जनगणना के बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया सीधे तौर पर महिला आरक्षण को धरातल पर उतारने का मार्ग प्रशस्त करेगी। यह जनगणना महिलाओं की भागीदारी को संवैधानिक मजबूती प्रदान करेगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करेगी।
जनगणना के आंकड़ों से यह स्पष्ट हो पाएगा कि किस क्षेत्र में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की कितनी आवश्यकता है, जिससे सामाजिक स्वीकृति और राजनीतिक संतुलन दोनों को एक नई दिशा मिलेगी।