जनगणना 2027 के बाद लोकसभा और विधानसभा सीटें कैसे बढ़ेंगी?

जनगणना 2027 के बाद लोकसभा और विधानसभा सीटें कैसे बढ़ेंगी?

जनगणना 2027 का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहलू ‘परिसीमन’ है। भारतीय संविधान के अनुसार, 84वें संशोधन द्वारा संसदीय और विधानसभा सीटों के परिसीमन पर 2026 तक रोक लगाई गई थी। अब नई जनगणना के संपन्न होने के बाद, सरकार के पास देश की जनसंख्या के नवीनतम और सटीक आंकड़े उपलब्ध होंगे। इन आंकड़ों के आधार पर ही 2028-29 के आसपास परिसीमन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

परिसीमन का सीधा अर्थ है— जनसंख्या वृद्धि के अनुपात में लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं को फिर से निर्धारित करना और सीटों की संख्या को पुनर्गठित करना। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक निर्वाचित प्रतिनिधि के पास लगभग समान संख्या में मतदाता हों, जिससे लोकतंत्र अधिक मजबूत हो सके। यह प्रक्रिया संवैधानिक रूप से अनिवार्य है और यह भारत की राजनीतिक संरचना में बड़ा बदलाव लाएगी।

Leave a Comment